Wednesday, 11 April 2018

महिला दिवस सुरक्षित मातृत्व दिवस के रूप में मनेगा

देश की महिलाओं के लिए स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय पूरे देश में 8 से 10 मार्च तक विशेष अभियान चलाएगा।केंद्रीय स्वास्थ्य परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि तीन दिवसीय अभियान के तहत 8 और 9, 10 मार्च को सभी जिला अस्पतालों, अनुमंडल अस्पतालों तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष स्वास्थ्य जांच शिविर लगाए जाएंगे।



उन्होंने कहा कि इसमें गर्भवती महिला समेत सभी महिलाएं नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच करा सकती हैं। उन्होंने कहा कि हम देश की महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए प्रतिबद्ध हैं और यह अभियान इस उद्देश्य को पूरा करने में मददगार साबित होगा।परिवार एवं स्वास्थ्य कल्याण मंत्रालय 8 मार्च को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के लिए अनेक गतिविधियां आयोजित कर रहा है। 


सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र/अनुमंडल अस्पताल, जिला अस्पताल तीन दिन के इस अभियान में आवश्यक जांच करेंगे। 40 से 60 वर्ष की महिलाओं के लिए स्तन कैंसर की जांच होगी और 30 से 60 सर्विकल कैंसर की जांच की जाएगी।स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जन्म पूर्व और जन्म बाद की देखभाल सेवाएं प्रदान की जाएंगी और महिलाओं को महिला तथा शिशु सुरक्षा (एमसीपी) कार्ड जारी किए जाएंगे।


अत्यधिक जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं को जरूरत पडऩे पर आगे की स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए रेफर किया जाएगा। शिविरों में परिवार नियोजन सेवाएं भी नि:शुल्क उपलब्ध होंगी।महिलाओं को जन्म देने की तैयारी, गर्भवस्था के दौरान खतरा संकेतों, पोषण, संस्थागत डिलिवरी, जन्म के अगले छह महीने तक परिवार नियोजन (पीपीएफपी), गर्भावस्था में देखभाल और बच्चे के जन्म के पश्चात देखभाल, स्तनपान, आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम की पूर्ति, संस्थागत डिलिवरी का महत्व, जननी सुरक्षा योजना (जेएसवाई), जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (जेएसएसके) की जानकारी दी जाएगी।



नई दिल्ली में इस तरह के जांच शिविरों का आयोजन डॉ. राममनोहर लोहिया, सफदरगंज अस्पतालों में किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त, महिला अधिकारिता सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा में योगदान के लिए राज्यों के प्रत्येक ब्लाक में एक आशाकर्मी का अभिनंदन किया जाएगा।

Tuesday, 10 April 2018

विश्व होम्योपैथिक दिवसः World Homeopathy Day 2018


आज गंभीर बीमारियों से लेकर लाइफस्टाइल(Life Style) डिजीज तक के इलाज के लिए लोग होम्योपैथी (World Homeopathy) उपचार ले रहे हैं. इसका मुख्य कारण है होम्योपैथी के कोई साइड इफेक्ट(Side effect) नहीं है. आज दुनियाभर में विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया जा रहा है. इसी मौके पर हम आपको बता रहे हैं इससे जुड़ी कुछ अहम जानकारियां.


कौन हैं होम्योपैथी चिकित्सा के संस्थापक-

दुनियाभर में 10 अप्रैल को ‘विश्व होम्योपैथी दिवस’ (World Homeopathy Day 2018) मनाया जाता है. होम्योपैथी दिवस होम्योपैथी के संस्थापक जर्मनी के डॉ. क्रिश्चिन फ्रेडरिक सैमुएल हैनीमेन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है.


बढ़ रहा है चलन-

आजकल लोग होम्योपैथी ट्रीटमेंट अधिक ले रहे हैं. इस ट्रीटमेंट को लेने का सबसे बड़ा कारण इसकी दवाओं का साइड इफेक्ट ना होना हैं. अधिकत्तर वही लोग होम्योपैथी ट्रीटमेंट ले रहे हैं जिन्हें ऐलोपैथी ट्रीटमेंट पर भरोसा कम हो गया है. बेशक होम्योपैथी ट्रीटमेंट लंबे समय तक चलता है देर से असर दिखाता है लेकिन इसका असर बेहतर होता है. होम्योपैथी ट्रीटमेंट का असर ठीक से होने के लिए जरूरी है कि डॉक्टर के दिशा-निर्देशों का सही से पालन किया जाए. यदि ऐसा ना हो तो होम्योपैथी ट्रीटमेंट से आपका ठीक होना मुश्किल है.


जानिए ये जरूरी बातें भी-




होम्योपैथी की दवाएं हमेशा ठंड जगहों(Cold Places) पर ही रखनी चाहिए. साथ ही इसकी शीशी को खुले में बिल्कुल ना रखें.

होम्योपैथी की दवाएं फिर वो चाहे लिक्विड फॉर्म में हो या गोलियो में इन्हें हाथ में लेकर कभी ना लें. शीशी ये डायरेक्ट मुंह में डालें.

होम्योपैथी का ट्रीटमेंट बीच में ना छोड़े. पूरा ट्रीटमेंट लें. अगर इलाज बीच में छोड़ा तो शुरूआत से आपको दोबारा ट्रीटमेंट लेना पड़ सकता है.

डॉक्टर ने जितनी दवाएं बताई हैं उतनी गोलियां ही खाएं अधिक गोलियों का सेवन ना करें.