Tuesday, 5 June 2018

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के आसान उपाय


मानसून सीज़न में डेंगू और चिकनगुनिया एक आम समस्या है लेकिन ध्यान न दिया जाए तो यह जानलेवा हो सकती है। क्या हैं इसके लक्षण और कैसे बचें इससे, जानें।
मौसम बदलने के साथ ही लोगों को बुखार और ज़ुकाम के अलावा कई तरह की बीमारियां परेशान करने लगती हैं। इन दिनों चिकनगुनिया और डेंगू होने का खतरा भी बढ़ जाता है और कई बार हम पहचान नहीं पाते हैं कि रोगी को चिकनगुनिया या डेंगू बुखार है या फिर सामान्य बुखार है। ऑनक्वेस्ट लैबोरेट्रीज़, नई दिल्ली के डॉ. रवि गौर बता रहे हैं, चिकनगुनिया, डेंगू और सामान्य बुखार के बीच अंतर, जिससे पता लगाया जा सकता है कि रोगी को कौन-सा बुखार है।




1. चिकनगुनिया और डेंगू बुखार के लक्षण लगभग एक जैसे ही होते हैं लेकिन डेंगू चिकनगुनिया की तुलना में ज्य़ादा खतरनाक होता है। चिकनगुनिया की वजह से होने वाला दर्द कुछ महीनों या वर्षों तक बना रह सकता है। चिकनगुनिया 1 से 12 दिन तक रहता है लेकिन इसके लक्षण कई दिनों तक शरीर में मौज़ूद रहते हैं जैसे कि जोड़ों का दर्द। डेंगू 3 से 7 दिन तक रहता है लेकिन डेंगू में कमज़ोरी बहुत ज्य़ादा होती है क्योंकि शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या लगातार गिरती रहती है। सामान्य बुखार में तापमान कुछ समय बाद कंट्रोल हो जाता है।




2. चिकनगुनिया में बुखार, जोड़ों में दर्द, सिरदर्द और आंखों में तकलीफ जैसी समस्याएं होती हैं जबकि डेंगू में त्वचा पर रैशेज़ कम होते हैं और आंखों पर भी कम असर पड़ता है। वहीं सामान्य बुखार में सिर्फ शरीर का तापमान बढ़ता है और खांसी हो सकती है। चिकनगुनिया एक वायरस है, जो मच्छर के काटने से होता है। जैसे ही वायरस शरीर में प्रवेश करता है, वैसे ही बुखार, खांसी, ज़ुकाम के लक्षण पनपने लगते हैं।




3. चिकनगुनिया में हाथ-पैरों के जोड़ों में दर्द होता है और सूजन भी आ जाती है। साथ ही दर्द सुबह के वक्त ज्य़ादा होता है। वहीं डेंगू में कमर की मांसपेशियों में दर्द होता है और कंधे व घुटने में भी दर्द बना रहता है। सामान्य बुखार में ऐसा नहीं होता।



बचाव है ज़रूरी




 शरीर को पूरी तरह ढककर रखें। इस मौसम में फुल स्लीव्स कपड़े पहनें।
 आप चाहें ऑफिस में हो या घर पर, आपका बच्चा पार्क में हो या स्कूल में या आप शॉपिंग कर रही हों या फिर मॉल जैसी सार्वजनिक जगह पर हों, मच्छर-रोधी क्रीम का इस्तेमाल करके ही घर से बाहर निकलें।



 कुछ लोगों को इसके लोशन या क्रीम से चिपचिपाहट महसूस होने लगती है। ऐसे में बाज़ार में मिलने वाले स्प्रे का भी इस्तेमाल कर सकती हैं, जिससे आपका घर रहेगा मच्छर-रहित।



 मार्केट में आजकल रिस्ट बैंड और पैचेज़ भी उपलब्ध हैं। ये उन बच्चों के लिए हैं, जो जेल या क्रीम लगवाने में आनाकानी करते हैं। ये उनके लिए बेहतर विकल्प हैं। पैच को सिर्फ कपड़ों पर लगाना होता है, जिससे मच्छर दूर भाग जाएंगे। 



 जेल एलोवेरा और सिट्रोनेला के गुणों से भरपूर है। इसे यूज़ करने से किसी तरह की स्किन एलर्जी नहीं होती। 

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