Thursday, 9 August 2018

during monsoon ear infection is also a common problem -बारिश के मौसम में कान के इंफेक्शन का खतरा


बरसात का मौसम कानों के लिए खराब होता है। इस मौसम में कान के बाहरी भाग में जीवाणु और फंगल इंफेक्शन बढ़ जाता है। वहीं, कान के बीच वाले भाग में ओटाइटिस मीडिया नामक संक्रमण भी बढ़ जाता है। कान की पुरानी बीमारियां जो अन्य मौसमों में दबी रहती हैं, वे भी मॉनसून में परेशान करने लगती हैं। ऐसे में कुछ चीजों से बचना चाहिए.


नहाते समय रुई लगाएं 


आयुर्वेदाचार्य डॉ बृजेश गुप्ता कहते हैं, नहाते समय कान में रुई लगाकर पानी जाने से बचाएं। कान को ज्यादा साफ न करें क्योंकि इससे कान की त्वचा में चोट लगने और इसके बाद संक्रमण होने की आशंकाएं बढ़ जाती हैं। 

स्विमिंग के दौरान रखें ख्याल 


अगर आप बारिश के मौसम में भी तैराकी करते हैं तो दूषित पानी कान में जाने की वजह से बीमारियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में स्विमिंग करते समय ईयर प्लग यूज करें। जरूरत पड़ने पर नाक, कान व गला रोग विशेषज्ञ से परामर्श लें। 


बारिश में भीगने से बचें 


बारिश में भीगने या फिर वातावरण में नमी होने से जुकाम और गला खराब होने की आशंका रहती है। इसका असर भी कानों पर पड़ता है और कान में दर्द या इंफेक्शन हो सकता है।


ठंडे पदार्थों से बचें 


बरसात के मौसम में ठंडे पदार्थों के अधिक सेवन से बचना चाहिए। जुकाम या गला खराब होने पर शीघ्र ही इनका इलाज कराएं वरना कानों में भी दिक्कत शुरू हो सकती है। 

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