आज गंभीर बीमारियों से लेकर लाइफस्टाइल(Life Style) डिजीज तक के इलाज के लिए लोग होम्योपैथी (World Homeopathy) उपचार ले रहे हैं. इसका मुख्य कारण है होम्योपैथी के कोई साइड इफेक्ट(Side effect) नहीं है. आज दुनियाभर में विश्व होम्योपैथिक दिवस मनाया जा रहा है. इसी मौके पर हम आपको बता रहे हैं इससे जुड़ी कुछ अहम जानकारियां.
कौन हैं होम्योपैथी चिकित्सा के संस्थापक-
दुनियाभर में 10 अप्रैल को ‘विश्व होम्योपैथी दिवस’ (World Homeopathy Day 2018) मनाया जाता है. होम्योपैथी दिवस होम्योपैथी के संस्थापक जर्मनी के डॉ. क्रिश्चिन फ्रेडरिक सैमुएल हैनीमेन के जन्मदिन के मौके पर मनाया जाता है.
बढ़ रहा है चलन-
आजकल लोग होम्योपैथी ट्रीटमेंट अधिक ले रहे हैं. इस ट्रीटमेंट को लेने का सबसे बड़ा कारण इसकी दवाओं का साइड इफेक्ट ना होना हैं. अधिकत्तर वही लोग होम्योपैथी ट्रीटमेंट ले रहे हैं जिन्हें ऐलोपैथी ट्रीटमेंट पर भरोसा कम हो गया है. बेशक होम्योपैथी ट्रीटमेंट लंबे समय तक चलता है देर से असर दिखाता है लेकिन इसका असर बेहतर होता है. होम्योपैथी ट्रीटमेंट का असर ठीक से होने के लिए जरूरी है कि डॉक्टर के दिशा-निर्देशों का सही से पालन किया जाए. यदि ऐसा ना हो तो होम्योपैथी ट्रीटमेंट से आपका ठीक होना मुश्किल है.
जानिए ये जरूरी बातें भी-
होम्योपैथी की दवाएं हमेशा ठंड जगहों(Cold Places) पर ही रखनी चाहिए. साथ ही इसकी शीशी को खुले में बिल्कुल ना रखें.
होम्योपैथी की दवाएं फिर वो चाहे लिक्विड फॉर्म में हो या गोलियो में इन्हें हाथ में लेकर कभी ना लें. शीशी ये डायरेक्ट मुंह में डालें.
होम्योपैथी का ट्रीटमेंट बीच में ना छोड़े. पूरा ट्रीटमेंट लें. अगर इलाज बीच में छोड़ा तो शुरूआत से आपको दोबारा ट्रीटमेंट लेना पड़ सकता है.
डॉक्टर ने जितनी दवाएं बताई हैं उतनी गोलियां ही खाएं अधिक गोलियों का सेवन ना करें.

I found this blog informative or very useful for me. I suggest everyone, once you should go through this.
ReplyDeleteHomeopathy